Thursday 11 September 2008

ऑटिस्म- पिछली चर्चा के आगे

मुझे यकीन नहीं था ऑटिस्म मे सब इतनी दिलचस्पी लेंगे । पोस्ट लिखने में देरी हुई इसके लिये क्षमा चाहती हूँ।

पिछली पोस्ट में कई सवाल उठे,ऐसे सवाल जिन्हे संक्षिप्त में जवाब नहीं देना चाहती थी।

ऑटिस्म की वजह क्या है?

सच कहा जाये तो ठीक जानकारी नहीं है। अनुमान है की जेनिटिक्स का रोल है। कुछ परिवार के बच्चों में इससे ग्रसित होने की संभावना अधिक होती है। फिर भी एक सटीक वजह बता पाना संभव नहीं हुआ है। कुछ अनस्टेबल जीन्स से इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। कुछ लोगों का मानना है की गर्भ के दौरान हुए वायरल इनफेक्शन्स, मेटाबोलिक डिसौर्डर्स या कुछ कैमिकल्स के संपर्क में आना इस रोग का कारण बन सकता है।
फ्रैजाइल एक्स सिन्ड्रोम (Fragile X syndrome),ट्यूबरस स्क्लीरोसिस(tuberous sclerosis), कनजनाइटल रुबैल्ला सिन्ड्रोम( congenital rubella syndrome),ऐस्पर्जर्स सिन्ड्रोम (Asperger's syndrome)और फिनाइलकीटोनयूरिया untreated phenylketonuria ऐसी कुछ अवस्था हैं जिनमें ऑटिस्म की संभावना बढ़ जाती है।

परिवेश भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। कई भारी धातुओं को,जैसे की मरकुरी का एक मात्रा से अधिक संपर्क में आने को कुछ लोग दोषी मानते हैं। उनका कहना है की ऐसे बच्चों में इसको शरीर से दूर करने की पद्धति में खोट होता है और इनके रहने से जो रोग दबा हुआ होता है, वह जाहिर हो जाता है।


क्या टीकों का इनसे कोई संबंघ है?

इसका भी साफ साफ जवाब नहीं है। लेकिन कुछ टीकों को दोषी माना गया था। कुछ समय पहले यह वात काफी चर्चा में थी। खास तौर पर एम एम आर (MMR) इसकी वजह इन टीकों में प्रस्तुत मरकुरी को माना गया था। ठीक ठीक ऐसी बात का सबूत नहीं है।

जो भी है शोध जारी है।

http://www.youtube.com/watch?v=zN20SkRgGz0


एक खास चौकसी की आवश्यकता फ्लू वैक्सीन्स को लेकर है। इसमें मरकुरी की मात्रा 25 माइक्रो ग्राम है। यह मात्रा बाकी सभी टीकों को मिलाकर भी देखा जाये तो ज्यादा है (0.4 माइक्रो ग्राम)

जब तक इस बात की पुष्टी नहीं हो जाती कुछ भी पक्के तौर पर कहना गलत होगा। किंतु जिन बच्चों को ऑटिस्म है उनके भाई बहन मे, या जिन में जेनिटिकली ऐसे रोग की सँभावना है वहाँ सावधानी बरतना ही बेहतर होगा।

क्या ऑटिस्म वास्तव में इतनी शीघ्रता से बढ़ रहा है? अगर हाँ तो क्यों?

अगर अंकों पर जाये तो हाँ ही जवाब होगा। किंतु एक खास बात जिसे नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता वो यह है की ऑटिस्म की परिभाषा, उसके प्रति सतर्कता, उसपर लगे अंकुश,उसकी विविघता की स्वीकृति, समाज और पाठशाला में खास ध्यान -इन बातों में तेजी से बदलाव आया है। हो सकता है की अंकों पर इन बातो का असर पड़ा हो। फिर भी यह भी सच है की इतने बच्चों को ऐसी तकलीफ है और उन्हे और उनके परिवार को हमारे स्वीकृति और दिलासे की जरूरत।

ऑटिस्म से ग्रसित होने की उम्र कब है? क्या किसी व्यस्क को किसी ट्रौमा के बाद ऑटिस्म हो सकता है?




जिन बच्चो को ऑटिस्म होती है उनमें ऐसी प्रवृति रहती है। कई बार कुछ वक्त गुजरने के बाद ही इसके लक्षण समझ आते हैं। कुछ में टीकों के बाद प्रवृति में खास गिरावट देखी गई है। कुछ के कारण उनमें मौजूद जेनेटिक रोग हैं।

कुल मिलाकर बात यह है की जो रोग उपस्थित है ,इसका निदान कब हो पाता है।

किसी ट्रौमा के बाद ऐसे लक्षण दिख सकते हैं। मनुष्य के दिमाग के कनेक्शन्स इतने जटिल है की कहीं कोई केबल के टूट जाने पर ऐसे लक्षण जाहिर हो सकते हैं। किंतु इन्हे ऑटिस्म नहीं कह सकते।

हाँ जिन्हे ऑटिस्म है...वह व्यस्क हो जाये तब भी ऑटिस्टिक ही रहते हैं। कोई और मानसिक दबाव इनपर ज्यादा बुरा असर दिखाता है।

हम सब कई बार अपने स्वस्थ, सामान्य बच्चों से परेशान हो जाते हैं। उनकी नादानियों कभी परेशान करती है, उनकी जरूरतें कभीकबार हमारे समय पर एक डिमांड सा महसूस होती हैं....। थकान, तनाव और रोज़मर्रा की जिन्दगी के अपने अलग किस्से हैं...ऐसे में ऐसे बच्चों की परवरिश करना आसान नहीं है।

आज की यह पोस्ट ऐसे बच्चों और उनसे जुड़े हर माता पिता और केयरगीवर को समर्पित।


http://www.youtube.com/watch?v=03bcE9xYKos&feature=related







Refeences
www.autism-society.org
www.autismkey.net
http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1576829,00.html


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6 comments:

संगीता पुरी said...

आटिज्म के बारे में काफी जानकारी मिली। जानकारी के लिए धन्यवाद।

विवेक सिंह said...

जानकारी के लिए धन्यवाद।

Pooja Prasad said...

Dr. pehle baar apka blog pada! atyant upyogi. atyant...

रचना गौड़ ’भारती’ said...

लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
http://www.rachanabharti.blogspot.com
कहानी,लघुकथा एंव लेखों के लि‌ए मेरे दूसरे ब्लोग् पर स्वागत है
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रेखा चित्र एंव आर्ट के लि‌ए देखें
http://chitrasansar.blogspot.com

govind said...

respected mem,
meri beti 2 sal ki hai vo abhi tak thik se baith nahi pati hai our na hi khadi hoti hai bolti bhi nahi hai. maine dr ko dikhaya bhi tha to unhone pygiotharipy ki salah di hai. aapse mujhe yah poochana hai ki kya meri beti autistic hai ya our ko doosari bimari hai plz aap mujhe meri mail ID par autism se judi anya bate our autistic bachche ke upchar hetu kya kadam uthane chahiye, batayengi.

Thank's
Govind
govind.ahirwar@yahoo.com
govind.ahirwar@gmail.com
91+9424721044

संजीव द्विवेदी said...

धन्यवाद,अगली कड़ी की प्रतीक्षा रहेगी ।