Sunday 5 October 2008

बच्चे के दूध में मेलामिन!!

कुछ समय से मेलामिन लगातार ध्यान खींच रहा है। मेलामिन जिससे खूबसूरत क्रौकरी तैयार होती है....बहुत ही अलग और गलत जगह में काफी मात्रा में पाया गया।

जगह थी पेट्स फूड...। अमेरिका में जब पालतू जानवर अचानक से किडनी फेल्यर से मरने लगे तो लगा कोई गंभीर महामारी फैल रही है। थोड़ा विश्लेषण करने पर इस तकलीफ की वजह मिली - चीन से एक्सपोर्ट हुए पेट्स फूड में मेलामिन की मिलावट। कई जानवर इंसानी लालच और पैसा कमाने के शार्टकट्स में शहीद हो गये।

http://www.youtube.com/watch?v=s8U9we0HEQg



अगर बात जानवरों के खाने तक सीमित होती तो फिर भी नुकसान की आशंका कम होती। पर चीन में हज़ारों की संख्या में बच्चे बीमार होने लगे। करीबन पचास हज़ार से अघिक बच्चे गुर्दे की निष्क्रियता की वजह से मर गये। सैंकड़ों अभी भी बीमार है।

सानलू नाम की कंपनी के मिल्क पावडर में मेलामिन पाया गया। यीली, जो की ओलंपिक गेम्स में बतौर स्पौंसर रही....उस के मिल्क पावडर में भी मेलामिन की मात्रा अधिक पाई गई। Nestle जैसे ब्रैन्ड्स भी यकीन से मेलामिन के होने को झुठला नहीं सकते।

जो कंपनियाँ अपनी प्रतिष्ठा को लेकर चिंतित थी...उन्होने बाज़ार से अपना पावडर उठवा लिया। छोटी कंपनियों के लिए यह बहुत ही बड़ा घाटा सिद्ध होता...तो वे अब भी बाज़ार में हैं।




http://www.youtube.com/watch?v=prLr1PNCeSg




बच्चों के दूध में आखिर कौन और क्यों मेलामिन मिला रहा है??

कौन का जवाब भी बहुत साफ नहीं है- शायद इन कंपनियों में दूध की आपूर्ति करने वाला नहीं तो स्वयं निर्माता।

क्यों-
ताकि प्रोटीन की मात्रा अधिक दिख सके। प्रबंध कर्ताओं का ध्यान या संशय अब तक इस ओर नहीं था। इसीलिए क्वालिटी जाँच में मेलामिन आँकने का प्रावधान भी नहीं था।


आखिर मेलामिन क्या है और किस तरह पहुँचाता है नुकसान??


मेलामिन एक ऑर्गैनिक कंपाउन्ड है C3H6N6(1,3,5-triazine-2,4,6-triamine )। इसमें व्याप्त नाइट्रोजन की मात्रा की वजह से ही यह गलत प्रोटीन की रीड़िंग देता है। जो लोग मेलामिन जैसी चीज़ नवजात शिशु के दूध में मिलाने में हिचकिचाते नहीं....जाहिर है वे मेलामिन की शुद्धता पर भी घ्यान नहीं दे सकते। सायन्यूरिक एसिड़ जैसे ऐसिड के होने पर मेलामिन के नुकसान करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

यह गुर्दे पर सीधा असर करती है। बहुत समय तक इस्तेमाल करने पर किड़नी स्टोन्स, मूत्राशय के कैन्सर , किड़नी फेल्यर और मौत तक हो सकती है।


बच्चों मे इस रोग के होने के लक्षण

किड़नी के फेल होने और किड़नी स्टोन्स के होने जैसे ही लक्षण देखने में आये हैं
- बच्चे का बेहिसाब रोना, खास कर पेशाब करते समय। उल्टी के जैसा लगना
- पेशाब में खून ( जाहिर या माइक्रोस्कोपिक)
- पेशाब का कम होना या बिल्कुल बंद हो जाना
- ब्लड प्रेशर का बढ़ना
- पीठ पर किढनी की जगह पर थपथपाने पर दर्द का उठना
- बुखार




अगर बच्चों में ऐसे लक्षण दिखें तो शक करने के लिए जानना जरूरी है कि पावड़र मिल्क का इस्तेमाल किया गया या नहीं।
करीबन तीन महीने के लगातार इस्तेमाल के बाद ही अक्सर लक्षण दिखते हैं।

मेलामिन का दूध के पावडर में होने की जाँच आम लैबोरेटरी में नहीं की जा सकती। हालांकि,स्पेक्ट्रोमेट्री से बहुत आसानी से पता लगाया जा सकता है।

जो भी हो शक के घेरे में आई ऐसी बात सूचित करना जरूरी है।

समय बदल रहा है। कई लोग शॉर्टकट्स अपना कर हम आप की जान जोखिम में ड़ाल धनवान होने का प्रयत्न कर रहे हैं। वे हमारे भविष्य को बीमार कर रहे हैं।

कई बार तो लगता है काफी हद तक हम भी जिम्मेदार हैं। स्तनपान की जगह मिल्क पावड़र का चुनाव भी एक किस्म का शॉर्टकट ही है। छह महीने बाद भी सहूलियत के लिए जो माँये दूध के पावडर को ही मुख्य आहार रहने देती हैं...वह भी ऐसी स्थिति की जिम्मेदार हैं। हम सब जो हमारे सिस्टम को मिल्क पावड़र टेस्ट करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते जिम्मेदार हैं।

....याद रहे बात बच्चों के दूध से सामने आई है। इस बात की गुंजाईश बहुक अधिक है कि आप खा रहे चॉकलेट, पी रहे चाय और मिठाइयों में मेलामिन है। इनमें इस्तेमाल हो रहे मिल्क पावड़र में मेलामिन की मात्रा की जाँच नहीं की गई है।

चीन के पेट फूड़ एक्सपोर्ट करने की वजह से स्पॉटलाइट उन पर है......जहाँ स्पॉटलाइट नहीं है...उस अँधेरे में पता नहीं हमारे और हमारे बच्चों के खाने में कौन सा जहर मिलाया जा रहा है।

क्या हम सचेत हैं??




The videos have been used strictly for educational purposes.

7 comments:

रंजन said...

उपयोगी जानकारी.. अभी हमने अपने ५ माह के शिशु आदि को nastle का lactoge देना शुरु किया है.. दिन में एक बार.. क्या ये सेफ है? हांलाकि अब हम उसे केला वगैरह देना शुरु कर रहे है..

savita verma said...

bahut kam ki baat batai aap ne.

दिनेशराय द्विवेदी/Dineshrai Dwivedi said...

बेजी, बहुत जरूरी खबर दी है आप ने। पढ़ कर ही दिल कांप गया। इन्सान इस हद तक भी गिर सकता है? या कि कोई हद ही नहीं उस के गिरने की?

Beji said...

रंजन जी,
Nestle के दूध की तरफ या किसी भी पावडर मिल्क को लेकर मैं आश्वस्त नहीं हूँ...
http://news.gov.hk/en/category/healthandcommunity/080921/html/080921en05002.htm

छह महीने तक एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग पर्याप्त है...
फिर भी आप कुछ और देना ही चाहते हैं तो
शीरा, केला,चावल ,खिचड़ी कितने सारे विकल्प हैं....और हमारे देश में तो अभी भी सीधा दूधवाले से गाय या भैंस का दूध मिल सकता है(इस उम्मीद के साथ लिख रही हूँ कि आपका दूधवाला पानी के अलावा और कुछ ना मिलाता हो।

manvinder bhimber said...

bahut achchi jaankaari di hai aapne......bachche ki sahat se juda sawaal utha kar aapne bahut achcha kiya

Udan Tashtari said...

आभार इस जानकारी के लिए.

Paliakara said...

बहुत अच्छी जानकारी. चीन के दुग्ध उत्पादों पर तो शायद रोक लग गया है.
आभार.