Wednesday 15 October 2008

जुकाम की दवा और नुकसान

बीमार बच्चा देखकर हर माँ का दिल भर आता है। पापा का बस चले तो अपनी लाड़ली के लिए जान भी हाज़िर कर दे। पर कुछ दुख तो सह कर ही पार लगते हैं। सर्दी के लिए दवाओं से चाहे जितनी नाकाबंदी कर दें यह सता कर ही दम लेती है। कुछ ना कुछ कर के बीमार बच्चे की तकलीफ कम करने की कोशिश में अक्सर कई गैरजरूरी दवाईयाँ इस्तेमाल की जाती है।
बात अगर यहीं तक सीमित होती तो भी चलता लेकिन इनमें से कई दवाईयाँ काफी हद तक नुकसान पहुँचा सकती हैं, जान भी जोखिम में ड़ाल सकती है।


यह हैं ओवर द काउंटर मिलने वाली असँख्य दवाईयाँ जिनपर मुस्कुराते बच्चों की तस्वीर हमें बढ़ कर इन्हे खरीदने को उकसाती है।

सच तो यह है सर्दी जुकाम के लिए आज भी दादी माँ के नुस्खों से बेहतर उपाय नहीं। पैरासीटामोल, माँ की गोद, विक्स से मालिश, गुनगुने नमक के पानी से गरारे करना , अधरक की चाय, चिकन सूप....यही काफी है। छींकता खाँसता आपका दुलारा परेशान जरूर है....लेकिन आपके साथ और प्यार की मीठी यादें भी बना रहा है।


http://www.youtube.com/watch?v=fij-SnBOapQ



http://www.aap.org/advocacy/releases/jan08coughandcold.htm

यू एस फुड़ ऐन्ड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन ने खास इस बात पर ज़ोर दिया है कि दो साल से छोटे बच्चों को ओवर द काउंटर मिलने वाली यह दवाईयाँ हरगिज़ नहीं देनी चाहिए। इनसे जान तक को खतरा हो सकता है। छह साल से छोटे बच्चों में इनकी उपयोगिता साबित नहीं है। इन्हे लेने पर मृत्यु, फिट्स(कंपकंपी),हृदय की गति तेज़ होना या अचेत होना रेकार्ड किया गया है। आम तौर पर यूँ बहुत देखने में ना भी आये तो भी छह साल से छोटे बच्चों में इनसे वाँछित लाभ भी नहीं मिलता।

बच्चों और बड़ो मे फर्क है। एक ही दवा की प्रतिक्रिया दोनो में अलग तरीके से होती है। जिस दवा से बड़ों मे कोई हानि नहीं होती बच्चों में वे गँभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं।

एफ ड़ी ए ने दवाईयों के लेबल मे इन बातों को साफ करने की राय रखी है।

घरेलू नुस्खों के अलावा सलाइन नेसल ड्रॉप्स से फायदा भी होता है और नुकसान भी नहीं है।



अधिक जानकारी के लिए इस साइट पर जायें( www.aap.org/publiced/BR_Infections.htm
http://www.aap.org/new/kidcolds.htm)

पिछले अक्टूबर में जो दवाइयाँ लौटा दी गई थी
(Cough and cold medicines withdrawn in October 2007):

Dimetapp(R) Decongestant Plus Cough Infant Drops,
Dimetapp(R) Decongestant Infant Drops,
Little Colds(R) Decongestant Plus Cough,
Little Colds(R) Multi-Symptom Cold Formula,
PEDIACARE(R) Infant Drops Decongestant (containing pseudoephedrine),
PEDIACARE(R) Infant Drops Decongestant & Cough (containing pseudoephedrine),
PEDIACARE(R) Infant Dropper Decongestant (containing phenylephrine),
PEDIACARE(R) Infant Dropper Long-Acting Cough,
PEDIACARE(R) Infant Dropper Decongestant & Cough (containing phenylephrine),
Robitussin(R) Infant Cough DM Drops,
Triaminic(R) Infant & Toddler Thin Strips(R) Decongestant,
Triaminic(R) Infant & Toddler Thin Strips(R) Decongestant Plus Cough,
TYLENOL(R) Concentrated Infants' Drops Plus Cold,
TYLENOL(R) Concentrated Infants' Drops Plus Cold & Cough



FDA की सलाह

-लेबल हमेशा देखें। उसमें ऐक्टिव इनग्रीडियन्ट (“active ingredients”)देखें । कई बार कई सारी अलग अलग असर की दवाओं का काकटेल होती हैं ऐसी दवाईयाँ (an antihistamine, a decongestant, a cough suppressant, an expectorant, or a pain reliever/fever reducer)। आप अगर एक से अधिक ऐसी दवा दें तो शायद सेफ लिमिट से ज्यादा देकर बच्चे को नुकसान पहुँचा सकते हैं।


-दवा का लेबल खास चेक करें। उसके निर्देश का पालन करें। इसमें दी गई चम्मच या मेशरिंग कप से ही दवा दें। अंदाज़े से दवा कभी नहीं दे।


- बच्चों से दवा हमेशा दूर रखें। हो सके तो चाइल्ड सेफ ढक्कन वाली दवा ही खरीदें।

- कभी भी इन दवा का इस्तेमाल बच्चों को सुलाने के लिए ना करें।

- सर्दी जुकाम आम सी बिमारी है। अगर शंका हो कि तकलीफ कुछ और भी हो सकती है तो डॉक्टर तक पहुँचने में देर ना करें ।


http://www.youtube.com/watch?v=zE6rYqaWjkU

11 comments:

सचिन मिश्रा said...

Jankari ke liye aabhar.

Mired Mirage said...

बहुत उपयोगी लेख है । मैंने डॉक्टर की राय के बिना तो बच्चियों को कभी दवा नहीं दी परन्तु सोचती हूँ कि हर बात में डॉक्टर के पास भागना क्या सही था ? तब तो न जाने की सोच भी नहीं सकती थी । नये माता पिता को यह भी बताइए कि कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए और कब घरेलू नुस्खे अपनाने चाहिए और बच्चे के स्वतः ठीक हो जाने की प्रतीक्षा करनी चाहिए ।
घुघूती बासूती

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

अपने बच्चे पालने का प्रारंभ घरेलू नुस्खे से हुई थी। और पिछले पच्चीस बरस से होमियो की मीठी गोलियों का कब्जा है घर में। आप को इस आलेख के लिए बहुत साधुवाद। यह बहुत जरूरी है।

Neeraj Rohilla said...

इस पोस्ट के लिये बहुत धन्यवाद, अभी कुछ दिन पहले ही मैं इसके बारे में पढ रहा था और यहाँ प्रमाणिक जानकारी मिल गयी ।

धन्यवाद

mahashakti said...

मैने कुछ दिन पूर्व जुकाम मिटाने के लिये डीकोल्‍ड टोटल ली थी, सच में मै टोटली बीमार पढ़ गया था। ऐसी बीमारी में हिदायत जरूरी होती है या चिक्तिसक की सलाह

संजय बेंगाणी said...

बच्चो के पालन पर हिन्दी में कम लिखा जा रहा है, आप उसकी भरपाई कर रही है. साधूवाद.


पैरासिटामोल चलेगा? हम तो उसे भी टालते है, मगर जरूरी होने पर कतराते भी नहीं.

Zakir Ali 'Rajneesh' said...

खांसी जुकाम के बहाने बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है आपने। शुक्रिया।

ranjan said...

धन्यवाद आपको..

आपकी ये सलाह बहुत काम आयेगी.. वैसे भी सर्दी का मौसम आने वाला है..

Deepak Bhanre said...

इतनी उपयोगी जानकारी देने के लिए धन्यवाद .

डॉ .अनुराग said...

एक बेहद महत्वपूर्ण लेख.....

संगीता मनराल said...

वाह! बहुत उपयोगी लेख आपके ब्लाग पर पहली बार आना हुआ काफी जानकारी लेने वाला ब्लाग है अब तो आना लगा रहेगा|